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चुनावों से पहले इंडस्ट्रियल शेयरों में नजर आ रहे कमाई के मौके, जानिए किन शेयरों पर है बाजार दिग्गजों की नजर

बाजार जानकारों का कहना की मांग में सुस्ती और कच्चे माल की ऊंची कीमतों के उपभोक्ता वस्तुओं के स्टॉक्स पर दबाव की संभावना है। कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी सेक्टर में प्रीमियमीकरण के बढ़ते ट्रेंड कारण बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। फिर भी, इंडस्ट्रियल सेक्टर के स्टॉक्स के ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 12, 2023 पर 1:01 PM
चुनावों से पहले इंडस्ट्रियल शेयरों में नजर आ रहे कमाई के मौके, जानिए किन शेयरों पर है बाजार दिग्गजों की नजर
पिछली चुनावी तैयारियों के दौरान भी इंडस्ट्रियल शेयरों ने खपत वाले शेयरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, 2009 और 2014 के दौरान जनवरी से अप्रैल महीने के दौरान बीएसई इंडस्ट्रियल इंडेक्स ने 15 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है

बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। तीन राज्यों में भाजपा की जीत के बाद हवा में उम्मीदें तैरती नजर आ रही हैं। ऐसे में सवाल है कि निवेशकों को अगले साल बाजार में जोरदार रिटर्न कमाने के लिए कहां दांव लगाना चाहिए? आम धारणा यह है कि चुनाव से पहले सरकारों द्वारा खर्च में तेजी को देखते हुए चुनावी वर्ष में खपत वाले स्टॉक अच्छा प्रदर्शन करते हैं। लेकिन इस बार, विश्लेषकों का सुझाव है कि प्राइवेट सेक्टर के धीमे पूंजीगत व्यय के बावजूद खपत वाले शेयरों की तुलना में इंडस्ट्रियल सेक्टर के शेयर बेहतर दांव हो सकते हैं।

बाजार जानकारों का कहना की मांग में सुस्ती और कच्चे माल की ऊंची कीमतों के उपभोक्ता वस्तुओं के स्टॉक्स पर दबाव की संभावना है। कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी सेक्टर में प्रीमियमीकरण के बढ़ते ट्रेंड कारण बेहतर प्रदर्शन करता दिख सकता है। फिर भी, इंडस्ट्रियल सेक्टर के स्टॉक्स के ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

प्रभुदास लीलाधर के रिसर्च हेड अमनीश अग्रवाल का कहना है कि आगे इंडस्ट्रियल सेक्टर से अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है क्योंकि इंफ्रा सेक्टर में जारी सरकारी निवेश से इस सेक्टर को फायदा होने की संभावना है। राज्य चुनाव नतीजों ने मौजूदा सरकार की वापसी को लेकर अनिश्चितता को शांत कर दिया है। इसलिए सरकारी नीतियों में निरंतरता कायम रहने की उम्मीद है।

पिछली चुनावी तैयारियों के दौरान भी इंडस्ट्रियल शेयरों ने खपत वाले शेयरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, 2009 और 2014 के दौरान जनवरी से अप्रैल महीने के दौरान बीएसई इंडस्ट्रियल इंडेक्स ने 15 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है।

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