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गुजरात की स्टेट PSUs को अब बांटना ही होगा डिविडेंड और बोनस , राज्य सरकार ने जारी की नई पॉलिसी

Gujarat New Policy: गुजरात सरकार ने राज्य की पीएसयू कंपनियों के लिए डिविडेंड और बोनस शेयर बांटने के लिए नई नीति पेश की है। नई नीति के तहत जो मार्केट में लिस्ट हैं और जो नहीं है, उन सभी कंपनियों के लिए तय कर दिया गया है कि उन्हें मिनिमम कितना डिविडेंड बांटना ही है। इसके अलावा बोनस शेयरों, शेयर तोड़ने और शेयर बायबैक के लिए भी प्रावधान तय कर दिया गया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Apr 26, 2023 पर 2:32 PM
गुजरात की स्टेट PSUs को अब बांटना ही होगा डिविडेंड और बोनस , राज्य सरकार ने जारी की नई पॉलिसी
गुजरात की लिस्टेड कंपनियों की बात करें इसकी 7 पीएसयू मुनाफे में हैं। राज्य में 63 स्टेट पीएसयू हैं जिसमें से 7 मार्केट में लिस्ट हैं।

Gujarat New Policy: गुजरात सरकार ने राज्य की पीएसयू कंपनियों के लिए डिविडेंड और बोनस शेयर बांटने के लिए नई नीति पेश की है। नई नीति के तहत जो मार्केट में लिस्ट हैं और जो नहीं है, उन सभी कंपनियों के लिए तय कर दिया गया है कि उन्हें मिनिमम कितना डिविडेंड बांटना ही है। इसके अलावा बोनस शेयरों और शेयर तोड़ने के लिए भी प्रावधान तय कर दिया गया है। शेयर बायबैक के लिए भी गुजरात सरकार ने प्रावधान तय कर दिए हैं। लिस्टेड कंपनियों की बात करें इसकी सात पीएसयू मुनाफे में हैं। सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि राज्य की सरकारी कंपनियों का वैल्यूएशन बढ़ सके। राज्य में 63 स्टेट पीएसयू हैं जिसमें से सात मार्केट में लिस्ट हैं।

डिविडेंड को लेकर क्या हैं नियम

गुजरात सरकार ने टैक्स काटने के बाद जो मुनाफा बचता है यानी नेट प्रॉफिट, उसका कम से कम 30 फीसदी या इसके कुल नेटवर्थ का 5 फीसदी, इसमें से जो भी अधिक है, उतना डिविडेंड शेयरहोल्डर्स को बांटना ही होगा। हालांकि प्रावधान के तहत डिविडेंड का सिर्फ न्यूनतम और अधिकतम स्वीकार्य स्तर घोषित किया जाना चाहिए।

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