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भारतीय बाजार में जारी रहेगी तेजी, क्रूड और दूसरी अहम कमोडिटीज की कीमतों में गिरावट से बड़ा सपोर्ट

क्रूड ऑयल सिर्फ महंगाई से ही संबंधित नहीं है। बल्कि यह देश के व्यापार घाटे, विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये की विनिमय दर को भी प्रभावित करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से घरेलू इक्विटी मार्केट को काफी बड़ा सपोर्ट मिलेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 22, 2022 पर 11:34 AM
भारतीय बाजार में जारी रहेगी तेजी, क्रूड और दूसरी अहम कमोडिटीज की कीमतों में गिरावट से बड़ा सपोर्ट
महंगाई पर राहत मिलने से आरबीआई भी ब्याज दरों पर अपने रवैये में नरमी लाता नजर आएगा

बाजार जानकारों का अनुमान है कि आरबीआई की तरफ से आगे हमें ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर लगाम लगती नजर आ सकती है। अक्टूबर महीने में रिटेल महंगाई में कमी देखने को मिली थी। थोक महंगाई के मोर्चे पर भी राहत मिली है। ऐसे कच्चे तेल और कमोडिटी की कीमतों में गिरावट से महंगाई आगे और घटती नजर आएगी। ऐसे में एनालिस्टों को भारतीय बाजारों की रिकॉर्ड ब्रेकिंग रैली जारी रहने की संभावना दिख रही है। जानकारों का यह भी कहना है कि कच्चे तेल और मेटल की कीमतों में आई भारी गिरावट के साथ ही खरीफ और रवी की फसलों की बंपर बुवाई से इस बात के संकेत हैं कि अगले कुछ महीनों में हमें महंगाई और कम होती दिखेगी।

एफआईआई की खरीदारी से आएगी तेजी

इसके अलावा भारतीय इक्विटी मार्केट में एफआईआई की तरफ से हो रही खरीदारी भी मार्केट सेंटीमेंट में सुधार करेगी। बतातें चलें कि मध्य अक्टूबर से अब तक एफआईआई ने भारतीय बाजार ने 4.64 अरब डॉलर की खरीदारी की है। जबकि ये इस साल के शुरुआत से मध्य अक्टूबर तक भारतीय बाजार में नेट सेलर रहे थे। साल के शुरुआत से अक्टूबर के मध्य तक एफआईआई ने भारतीय बाजारों में 23 अरब डॉलर की बिकवाली की थी।

क्रूड और दूसरी अहम कमोडिटीज की कीमतों में गिरावट से राहत

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