शेयर बाजार में पिछले वित्त वर्ष (FY25) के दौरान जिन कंपनियों के शेयर सूचीबद्ध हुए थे, उनमें से अब आधी कंपनियों के शेयर अपने IPO प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं। सितंबर 2024 के बाद बाजार में आई गिरावट ने इन शेयरो की सारी बढ़त को मिटा दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह गिरावट आईपीओ बाजार के उत्साह को ठंडा कर रही है। जबकि पिछले साल आईपीओ मार्केट में खूब गुलजार रहा था। निवेशकों ने बड़े पैमाने पर IPO में पैसा लगाया था और कंपनियों ने भारी मात्रा में पूंजी जुटाई थी।
