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PSU Bank Stocks: सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी और गिरावट का मिलाजुला रुख, NIFTY PSU BANK हरे निशान में; अब नए साल 2026 में होल्ड करें या बेचें?

PSU Bank Stocks: सरकारी बैंकों के शेयरों में सोमवार 29 दिसंबर को लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 0.3 प्रतिशत फिसलकर 8,263.55 के स्तर पर आ गया। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि PSU बैंकों के फंडामेंटल्स पहले की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत है। हालांकि इसके बावजूद नियर टर्म में इनके शेयरों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है

Curated By: Vikrant singhअपडेटेड Dec 29, 2025 पर 4:45 PM
PSU Bank Stocks: सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी और गिरावट का मिलाजुला रुख, NIFTY PSU BANK हरे निशान में; अब नए साल 2026 में होल्ड करें या बेचें?
PSU Bank Stocks: 2025 में PSU बैंक शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन किया

PSU Bank Stocks: सरकारी बैंकों के शेयरों में सोमवार 29 दिसंबर को तेजी और गिरावट का मिलाजुला रुख देखने को मिला। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 0.05 प्रतिशत की मामूली बढ़त में बंद हुआ। इसमें शामिल 12 बैंक स्टॉक्स में से 5 हरे निशान में बंद हुए हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि PSU बैंकों के फंडामेंटल्स पहले की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत है। हालांकि इसके बावजूद नियर टर्म में इनके शेयरों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

आगे क्या रहने वाला है रुख?

विभावंगल अनुकूलकरा प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मौर्य के अनुसार, PSU बैंकों की एसेट क्वालिटी, कैपिटल एडिक्वेसी और बैलेंस शीट में बीते सालों में बड़ा सुधार हुआ है। हालांकि, हालिया तेजी के बाद अब वैल्यूएशन में कंसोलिडेशन का दौर शुरू हो गया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में सेक्टर का प्रदर्शन स्टॉक-स्पेसिफिक रहेगा और इसमें बैंकों के तिमाही नतीजे और नीतिगत संकेतों की अहम भूमिका रहेंगी।

2025 में क्यों चमके PSU बैंक?

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौर का कहना है कि 2025 में PSU बैंक शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके पीछे कई मजबूत कारण रहे। उन्होंने बताया कि कई सालों तक बैलेंस शीट संकट से जूझने के बाद अब अधिकतर सरकारी बैंकों ने अपने बही-खाते साफ कर लिए हैं। ग्रॉस और नेट NPA मल्टी-ईयर लो पर आ गए हैं, जिससे क्रेडिट कॉस्ट घटी और मुनाफे में सुधार हुआ।

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