सारेगामा इंडिया (Saregama India) के शेयर एक दिन पहले इंट्रा-डे में 15.3 फीसदी उछल गए थे लेकिन फिर मुनाफावसूली के चलते यह 7.5 फीसदी के उछाल के साथ 344.45 रुपये पर बंद हुआ था। आज भी इसमें मुनाफावसूली का दबाव दिख रहा है और 2.74 फीसदी की गिरावट के साथ यह 335 रुपये पर हैं। टेक्निकल लेवल पर देखें तो मंगलवार 21 मार्च को यह 10 फरवरी के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुआ था और बुलिश डाइवर्जेंस के बाद टेक्निकेल रीबाउंड था। एक्सपर्ट के मुताबिक थोड़ा कमजोर ही सही लेकिन बुलिश डाइवर्जेंस अभी भी है।
ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह शेयर 360 रुपये के ऊपर बंद होता है और उसी दिन यह 200 दिनों के ईएमए (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) से ऊपर पहुंचता है तो इसमें जोरदार तेजी दिख सकती है। बुलिश डाइवर्जेंस एक पैटर्न है जो तब बनता है, जब भाव लोअर लो पर गिरता है लेकिन टेक्निकल इंडिकेटर हायर लो पर पहुंचे। इस स्थिति में शेयर में तेजी के आसार दिखते हैं ताकि यह इंडिकेटर के लेवल पर पहुंच सके।
Saregama India में निवेश के लिए कैसे बनाएं स्ट्रैटजी
ChartAnalytics.co.in की फाउंडर और टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट Foram Chheda के मुताबिक आरएसआई (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) पर बुलिश डाइवर्जेंस दिख रहा है और इसने टेक्निकल तौर पर सारेगामा इंडिया के शेयरों में तेजी के आसार बढ़ा दिए हैं। ऐसे में उनका मानना है कि 360 रुपये से ऊपर यह बंद होता है तो इसमें तेजी के आसार हैं। हालांकि अगर यह 306 रुपये के नीचे आता है तो गिरावट का मौजूदा रुझान बना रहेगा। इसके बाद इसमें और भी गिरावट दिख सकती है।
GEPL Capital के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल रिसर्च) Vidnyan Sawant के मुताबिक मंगलवार को भारी मात्रा में शेयरों की खरीद-बिक्री हुई जिसके चलते इंट्रा-डे का निचले स्तर 320.50 रुपये फिलहाल महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में है। मंगलवार को ट्रेडिंग वॉल्यूम डेली बेसिस पर दो साल में सबसे अधिक था। उन्होंने इसमें 370 रुपये और फिर 395 रुपये के टारगेट प्राइस पर निवेश की सलाह दी है। हालांकि क्लोजिंग बेसिस पर 320 रुपये का स्टॉप लॉस अवश्य लगाने की सलाह दी है।
कैसा रहा है शेयरों का उतार-चढ़ाव
सारेगामा के शेयरों ने 6 अप्रैल 2022 को एनएसई पर एक साल के हाई 514.33 रुपये पर पहुंचे थे। इसके बाद इसमें करेक्शन का दबाव दिखा। पिछले हफ्ते 15 मार्च 2023 को यह एक साल के निचले स्तर 306.75 रुपये पर आ गया यानी करीब 11 महीने में यह 40 फीसदी फिसला है। हालांकि इस निचले स्तर से फिलहाल यह 9 फीसदी से अधिक रिकवर हो चुका है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।