तकनीकी मोर्चे पर हालांकि अब भी सतर्कता की जरूरत बताई जा रही है। चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के मुताबिक, “टेक्निकल चार्ट्स पर निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार की नाजुक स्थिति को दिखाता है। 25,200–25,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है और इस स्तर के आसपास बिकवाली का दबाव बन सकता है। नीचे की तरफ 25,000 का स्तर अहम मनोवैज्ञानिक और तकनीकी सपोर्ट है। अगर निफ्टी निर्णायक रूप से इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो 24,950–24,900 तक और कमजोरी आ सकती है।” उनका यह भी कहना है कि भले ही मोमेंटम इंडिकेटर्स कमजोर बने हुए हों, लेकिन ओवरसोल्ड कंडीशंस के चलते कुछ चुनिंदा शेयरों में अल्पकालिक राहत रैली देखने को मिल सकती है।