स्टॉक एक्सचेंजों और SEBI ने 25 सितंबर की शाम बताया कि ASM और TFT फ्रेमवर्क के दायरे में स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (SME) के स्टॉक्स भी आएंगे। हालांकि, इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। SME शेयरों की कीमतों में लगातार उछाल को देखते हुए इसकी उम्मीद पहले से जताई जा रही थी। इन स्टॉक्स में लगातार तेजी की वजह से हेराफेरी (Manipulation) की आशंका भी बढ़ी है। निवेशकों के बीच इन शेयरों को लेकर काफी क्रेज दिख रहा है। एएसएम और टीएफटी फ्रेमवर्क के तहत ऐसे स्टॉक्स की पहचान की जाती है, जिनमें कुछ ट्रेडर्स कीमतें चढ़ाने के लिए शेयरों को आपस में ही खरीदते और बेचते हैं। आइए पहले यह समझने की कोशिश करते हैं कि यह पूरा सिस्टम क्या है। इससे आपके लिए समझना आसान हो जाएगा कि सेबी और एक्सचेंजों ने क्यों यह फैसला लिया है।
