सीएनबीसी-आवाज, मैनेजिंग एडिटर, अनुज सिंघल

सीएनबीसी-आवाज, मैनेजिंग एडिटर, अनुज सिंघल
आज बाजार के लिए एक ट्रेंड तय करने वाला दिन है। निफ्टी के लिए 2 लेवल अब सबसे महत्वपूर्ण हैं। अगर 23,412 के नीचे बंद हुए तो ट्रेंड निगेटिव हो जाएगा और इंट्राडे में 23,262 सबसे अहम लेवल होगा। बैंक निफ्टी के लिए 52,700 सबसे अहम लेवल है । 52,700 के नीचे गए या बंद हुए तो ट्रेंड निगेटिव हो जाएगा। इसके अलावा आज बाजार का एक और टेस्ट होगा- मार्केट ब्रेड्थ का। कल मिडकैप और स्मॉलकैप ने आउटपरफॉर्म किया था। देखना होगा कि आज गैपडाउन के बाद मिडकैप संभलेंगे या गिरेंगे।
आखिर क्यों गिफ्ट निफ्टी इतना नीचे है?
अनुज सिंघल ने कहा कि सोमवार सुबह हमने अलर्ट किया था कि बॉन्ड यील्ड्स पर नजर रखें। उदय कोटक सामान्य तौर पर तभी चेतावनी देते हैं जब कोई संकट सामने होता है और पूरी दुनिया में तेजी से बॉन्ड यील्ड्स ऊपर आ रही हैं। US की 30 साल की बॉन्ड यील्ड 5.183% पर पहुंची, जुलाई 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर पर पहुंचा। US की 10 साल की बॉन्ड यील्ड एक समय 4.687% तक पहुंची, जनवरी 2025 के बाद सबसे ऊंचा स्तर पहुंचा। 10 साल की बॉन्ड यील्ड मॉर्टगेज, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए बेंचमार्क है ।
US की 2 साल की यील्ड मंगलवार को 4.12% पर पहुंच गई। US की 2 साल की यील्ड फेड के शॉर्ट-टर्म कदमों का बैरोमीटर है । पिछले हफ्ते ऊंची महंगाई रिपोर्ट आने के बाद यील्ड बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक फेड का अगला कदम दरों में कटौती की बजाय बढ़ोतरी हो सकता है।
एक्सपर्ट का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में 30 साल की यील्ड 5.25% गई तो बाजार में और बड़ी करेक्शन संभव है। BofA सर्वे में कहा है कि 62% ग्लोबल फंड मैनेजर्स मानते हैं कि 30 साल की यील्ड 6% तक जा सकती है। 30 साल की यील्ड 6% गई तो 1999 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर होगा।
यील्ड में उछाल ने बाजारों का सेंटिमेंट बिगाड़ा। US बाजारों में कल मुनाफावसूली देखने को मिली। डाओ जोंस 300 अंक से ज्यादा गिरा। S&P 500 इंडेक्स और नैस्डेक में लगातार तीसरे दिन गिरावट रही। S&P 500 इंडेक्स में 0.7% की गिरावट, नैस्डेक 0.8% नीचे बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद बाजार गिरे। बॉन्ड मार्केट के उतार-चढ़ाव ने बाजार का सेंटिमेंट बिगाड़ा।
आखिर क्यों अहम हैं बॉन्ड यील्ड्स?
दुनियाभर में अब एक बड़ा रिस्क ओपन हो रहा है और उस रिस्क का नाम है Stagflation। Stagflation क्या होता है? इकोनॉमी धीमी रहे और महंगाई बढ़ जाए और इस पूरी vicious cycle का कारण है US-ईरान की लड़ाई है। डॉनल्ड ट्रंप की जिद ने पूरी दुनिया की इकोनॉमी को हिला दिया है और अगर यही स्थिति रही तो दुनिया भर में बॉन्ड यील्ड्स बढ़ेंगी। और इसका इमर्जिंग देशों के बाजारों पर काफी बड़ा असर पड़ता है। सभी उभरते बाजारों में इस समय भारी FII बिकवाली है। सिर्फ ताइवान को हटा दें, तो सभी इमर्जिंग बाजारों में FIIs की बिकवाली है और दक्षिण कोरिया में तो सबसे ज्यादा FIIs बिकवाली है। दक्षिण कोरिया चल रहा है क्योंकि वहां रिटेल क्रांति चल रही है। ठीक वैसी रिटेल क्रांति जो हमने कोविड के बाद भारत में देखी थी। जब US बॉन्ड यील्ड तेजी से बढ़ती हैं तो फंड फ्लो पर असर पड़ता है। US बेस्ड फंड्स कम ब्याज पर पैसा लेकर EMs में डालते हैं। मगर बॉन्ड यील्ड बढ़ रही हैं और इमर्जिंग बाजारों में रिटर्न नहीं बन रहा। ऐसे में पैसा तेजी से वापस अमेरिका चला जाता है।
बाजार: अब क्या हो रणनीति?
बाजार में इस समय निवेशकों की अग्नि परीक्षा है। इस फेज में कोविड के बाद आए काफी नए निवेशक गायब हो जाएंगे क्योंकि उनके पैसे उन शेयरों में फंस चुके होंगे जो कभी रिकवर नहीं होंगे। मगर ऐसे ही बाजार में आपको निवेश के सबसे शानदार मौके मिलेंगे। इस समय सेंटिमेंट खराब है, इसी लिए भाव अच्छा है। अगर आपका ट्रेडिंग नजरिया है, तो गिनती के 20-30 शेयर हैं। मगर आपका निवेश का नजरिया है तो आपके लिए buffet लगा है। फिलहाल के लिए रेट सेंसिटिव शेयर अंडरपरफॉर्म करेंगे।
ऑटो, बैंक, NBFC, रियल एस्टेट शेयर इसलिए ही गिर रहे हैं। मिडकैप IT, फार्मा और कुछ FMCG शेयर आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। अगर आप खुद रिस्क नहीं ले सकते तो अपना पैसा एक अच्छे फंड मैनेजर को दीजिए। इस बाजार में पैनिक में अपने अच्छे शेयर न बेचें।
निफ्टी पर रणनीति
पहला सपोर्ट 23,450-23,500 पर है। सबसे अहम सपोर्ट 23,250-23,300 पर है। अगर गिफ्ट निफ्टी जैसा बड़ा गैपडाउन ना हो तो निफ्टी बेचें। बिकवाली के ट्रेड में 23,650 का SL रखें। निफ्टी 23500, 23450 और 23350 तक फिसल सकता है, लेकिन निफ्टी 23,300-23,350 होल्ड करें तो 23,250 के SL के साथ खरीदें । रिकवरी में 23,550-23,600 के टार्गेट रखें। अगर निफ्टी 23,650 के पार निकला तभी बड़ी शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
सबसे अहम सपोर्ट स्तर 52,700-52,800 पर है। अगर ये स्तर टूटे तो 52,000 भी संभव है। फिलहाल बैंक निफ्टी खरीदने के लालच से बचें। हमें बैंक निफ्टी का हर ट्रेड नहीं पकड़ना है। अगर आप बैक निफ्टी के गलत ट्रेड में फंसे तो बाजार आपका खाता खाली कर देगा। रिकवरी के लिए 54,000 के ऊपर की क्लोजिंग जरूरी है।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
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