कई इनवेस्टर्स आईपीओ के ओवरसब्सक्राइब्ड होने के बाद उसमें निवेश का फैसला लेते हैं। खासकर एसएमई आईपीओ में यह ओवरसब्सक्रिप्शन आर्टिफिशियल होता है। आम निवेशकों को इस बारे में पता नहीं होता है। मुश्किल तब होती है जब लिस्टिंग के बाद शेयरों की कीमतें क्रैश कर जाती हैं
अपडेटेड May 30, 2025 पर 11:05 AM