नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में एक बार फिर जंगलराज का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने कहा, "लालू-राबड़ी के शासनकाल में शाम होते ही लोग डर कर घर में कैद हो जाते थे। माता-पिता बच्चों को बाहर भेजने से घबराते थे। अपराध और खौफ ऐसा था कि बाहर निकलने की हिम्मत नहीं होती थी
अपडेटेड Nov 03, 2025 पर 07:09 PM