टिकट मिलने के बाद शगुन परिहार ने कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं राजनीति में आऊंगी। चलिए देखते हैं कि चीजें मेरी किस्मत कैसे बदलती हैं। पार्टी ने मेरी उम्मीदवारी की घोषणा की है, यह हमारे लिए बहुत इमोशनल पल है।" नवंबर 2018 में आतंकियों ने उनके चाचा अनिल और उनके पिता अजीत परिहार की हत्या कर दी थी। अनिल परिहार जिले में कद्दावर नेता माने जाते थे
अपडेटेड Aug 27, 2024 पर 02:53 PM