एक पीड़ित ग्राहक को बैंक या गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी जैसी रेग्युलेटेड इकाई (RE) के पास लिखित शिकायत दर्ज करके शुरुआत करनी होगी। यदि शिकायत को आरई द्वारा खारिज कर दिया जाता है, तो यह स्वचालित रूप से आरई के आंतरिक लोकपाल को भेज दी जाती है। इसके बाद भी अगर ग्राहक चाहे तो राहत के लिए आरबीआई लोकपाल के पास शिकायत कर सकता है
अपडेटेड Jan 24, 2024 पर 05:19 PM