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बांग्लादेश फिर बारूद के ढेर पर बैठा! अवामी और BNP से परे देश में अब किसी थर्ड फ्रंट की है मांग

Bangladesh Violence: बांग्लादेश से जो तिस्वीरें सामने आई हैं और जिस तरह से शेख हसीना देश छोड़कर निकलीं। इसने कुछ साल पहले की याद ताजा कर दी, जब एक और दक्षिण एशियाई देश- श्रीलंका में भी लोग ऐसे ही सड़क से लेकर संसद तक संग्राम कर रहे थे और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 05, 2024 पर 9:43 PM
बांग्लादेश फिर बारूद के ढेर पर बैठा! अवामी और BNP से परे देश में अब किसी थर्ड फ्रंट की है मांग
बांग्लादेश फिर बारूद के ढेर पर बैठा! अवामी और BNP से परे देश में अब किसी थर्ड फ्रंट की है मांग

बांग्लादेश एक बार फिर उबल रहा है। 1971 के मुक्ति संग्राम के बाद से देश ने इतना खून खराबा कभी नहीं देखा, जितना पिछले कुछ महीनों में। कथित तौर पर बांग्लादेश सेना की सलाह पर प्रधान मंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ दिया। खबर लिखे जाने तक जानकारी ये थी कि वो दिल्ली के पास हिंडन IAF बेस पर उतर गईं और NSA अजीत डोबाल ने उनसे मुलाकात।

अजीत डोभाल की मुलाकात के बाद सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (CCS) की देर शाम 7, लोक कल्याण मार्ग यानी प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई। बैठक में PM नरेंद्र मोदी को बांग्लादेश के हालात के बारे में जानकारी दी गई।

बांग्लादेश से जो तिस्वीरें सामने आई हैं और जिस तरह से शेख हसीना देश छोड़कर निकलीं। इसने कुछ साल पहले की याद ताजा कर दी, जब एक और दक्षिण एशियाई देश- श्रीलंका में भी लोग ऐसे ही सड़क से लेकर संसद तक संग्राम कर रहे थे और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

हालांकि, इस समय बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है, वो काफी हद तक 2011 में अरब स्प्रिंग के दौरान मिस्र में होस्नी मुबारक को सत्ता से बदखल किए जाने से काफी मिलता-जुलता है।

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