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Adhik Maas 2026: नए साल में बन रहा अधिक मास का दुर्लभ संयोग, इसमें करें ये खास उपाय

Adhik Maas 2026: अधिक मास हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। ये दुर्लभ संयोग, कई वर्षों में एक बार बनता है। इसे हिंदू वर्ष का सबसे पवित्र 30 दिनों की अवधि माना जाता है। ये पावन संयोग हमें नए साल 2026 में देखने को मिलेगा। आइए जानें क्या है अधिक मास और क्या है इसका महत्व?

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 08, 2025 पर 9:22 PM
Adhik Maas 2026: नए साल में बन रहा अधिक मास का दुर्लभ संयोग, इसमें करें ये खास उपाय
साल 2026 में ज्येष्ठ महीने में अधिक मास पड़ेगा।

Adhik Maas 2026: अधिक मास हिंदू धर्म की अत्यंत पवित्र अवधि है। जिस तरह अंग्रेजी कैलेंडर में लीप ईयर होता है, उसी तरह हिंदू कैलेंडर में अधिक मास होता है। लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के लीप ईयर में सिर्फ एक दिन की वृद्धि होती है, वहीं अधिक मास होने पर साल में पूरा एक महीना बढ़ जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास या मलमास आदि नामों से भी जाना जाता है। हिंदू वर्ष में हर तीन साल में अधिक मास जुड़ता है। अधिक मास जुड़ने पर हिंदू वर्ष 12 नहीं 13 महीनों का हो जाता है।

अधिक मास में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं किया जाता है। हिंदू धर्म में अधिक मास के समय विवाह, गृह प्रवेश, नई चीजें या नया काम शुरू करने जैसे सभी शुभ कार्य नहीं किये जाते हैं। अधिक मास में पूजा, व्रत और दान आदि करने का बहुत महत्व है। यह माह भगवान पुरुषोत्तम को समर्पित है जो भगवान विष्णु का ही एक अन्य रूप हैं। इस बार अधिक मास अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार साल 2026 यानी नए साल में होगा। आइए जानें इसका समय, महत्व और क्या होता है अधिक मास?

क्या है अधिक मास?

नए साल यानी 2026 में हिंदू वर्ष विक्रम संवत 2083 होगा। इसमें एक अतिरिक्त चंद्र मास जुड़ेगा। इसी वजह से साल 2026 में ज्येष्ठ महीने में अधिक मास पड़ेगा। इस दुर्लभ स्थिति की वजह से ज्येष्ठ मास लगभग 60 दिनों का होगा। इसके कारण यह साल 13 महीनों का बन जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह स्थिति तब बनती है जब चंद्र कैलेंडर और सूर्य कैलेंडर की गणना में अंतर होता है। चंद्रमा और सूर्य की गणना में जो फर्क समय-समय पर बढ़ता रहता है, उसे संतुलित करने के लिए पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है। लगभग हर 32 महीने में करीब 16 दिन और कुछ घंटे मिलकर एक पूरे महीने के बराबर हो जाते हैं। इसी अतिरिक्त समय को सनातन धर्म में अधिक मास कहा जाता है।

कब लगेगा अधिक मास?

पंचांग के अनुसार, साल 2026 में ज्येष्ठ महीना 22 मई से शुरू हो कर 29 जून 2026 तक चलेगा। इससे पहले 17 मई 2026 से अधिक मास की शुरुआत होगी, जो 15 जून 2026 को समाप्त होगा। जब पंचांग में एक ही महीना दो बार आता है, तो उसे पुरुषोत्तम मास या अधिक मास कहा जाता है। यह समय बहुत खास और धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।

अधिक मास में करें ये खास उपाय

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