अक्षय तृतीया, हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष ये शुभ पर्व 30 अप्रैल, बुधवार को पड़ रहा है। इसे स्वयंसिद्ध मुहूर्त कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत या कोई भी नया काम करने के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है। परंपरागत रूप से इस दिन सोना या चांदी खरीदने की परंपरा है, लेकिन यदि आप इसे नहीं खरीद सकते तो भी निराश न हों।
