Paush Putrada Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में कुछ तिथियों की विशेष मान्यता है। इनमें से एक है एकादशी तिथि का व्रत। समस्त सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित ये व्रत हिंदू वर्ष में 24 बार आता है। चंद्र माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत किया जाता है। इन्हीं में से एक पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह व्रत भी साल में दो बार आता है, सावन में और पौष में। यह व्रत संतान की खुशहाली और तरक्की की कामना से किया जाता है। नि:संतान दंपति या महिलाएं इसे संतान प्राप्ति की इच्छा से भी करते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है। आइए जानते हैं कि साल 2025 की आखिरी एकादशी कब है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
