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'मेरा रंग देखकर चॉकलेट केक...', भारत के पूर्व क्रिकेटर ने टीम पर लगाया नस्लवाद का आरोप

शिवरामकृष्णन ने बताया कि, जब उन्हें जन्मदिन पर केक काटने के लिए बुलाया गया, तब एक साथी खिलाड़ी ने उन पर नस्लभेदी टिप्पणी कर दी। वहीं उन्होंने बताया कि जब वे सिर्फ 14 साल के थे, तब एक सीनियर भारतीय बल्लेबाज ने उन्हें गलती से ग्राउंड स्टाफ समझ लिया और अपने जूते साफ करने को कह दिया

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Mar 25, 2026 पर 3:48 PM
'मेरा रंग देखकर चॉकलेट केक...', भारत के पूर्व क्रिकेटर ने टीम पर लगाया नस्लवाद का आरोप
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन को कई बार सबके सामने अपमान भी झेलना पड़ा

भारत के पूर्व लेग स्पिनर और कमेंटेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अपने क्रिकेट करियर के दौरान नस्लवाद की घटनाओं को लेकर बड़ा खुलासा किया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने एक पुराना अनुभव शेयर किया है, जिसमें उन्होंने टीम के अंदर नस्लभेद (रंग के आधार पर टिप्पणी) का सामना करने की बात कही। उन्होंने बताया कि एक बार उनके एक साथी खिलाड़ी ने मजाक में कहा था कि उनके लिए ‘सही’ केक मंगाया गया है, क्योंकि वे सांवले हैं, इसलिए उनके लिए डार्क चॉकलेट केक लाया गया है।

शेयर किया ये कड़वा किस्सा

शिवरामकृष्णन ने हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक इंटरव्यू में अपने क्रिकेट करियर के बारे में खुलकर बात की। शिवरामकृष्णन ने कहा कि, नस्लवाद की घटनाओं से उन्हें बार-बार गुजरना पड़ा। शिवरामकृष्णन उस समय सिर्फ 17 साल के थे और रणजी ट्रॉफी में उभरते हुए खिलाड़ी थे। उन्हें 1982-83 के पाकिस्तान दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया था। इसी दौरे के दौरान उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया, लेकिन जो पल खुशियों का होना चाहिए था, वह उनके लिए दुखद अनुभव बन गया।

जब सीनियर खिलाड़ी ने जूता साफ करने को...

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