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दिल्ली की 'खूनी नहर', यहां तीन साल में मिले 91 लाश...शवों की हालत देख कांप जाती है रूह

Delhi News : इस महीने की शुरुआत में जब एक सिर, हाथ और पैर से रहित लाश मिली, तो किसी को ज़्यादा हैरानी नहीं हुई। दरअसल, यह इस साल मुनक नहर से मिलने वाला दसवां शव था। जनवरी 2022 से 27 अप्रैल 2025 तक, इस नहर से कम से कम 91 शव बरामद किए जा चुके हैं। इसका मतलब है कि हर साल औसतन 30 और हर महीने दो से ज़्यादा लाशें इस नहर से निकल रही हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड May 26, 2025 पर 6:04 PM
दिल्ली की 'खूनी नहर', यहां तीन साल में मिले 91 लाश...शवों की हालत देख कांप जाती है रूह
दिल्ली की इस नहर में तीन साल में मिले 91 लाश

Delhi News : हरियाणा के करनाल से दिल्ली के हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट तक जाने वाली मुनक नहर लगभग 100 किलोमीटर लंबी है। इस नहर को राजधानी दिल्ली में पानी पहुंचाने के लिए एक अहम जरिया बनाया गया था। लेकिन पिछले कुछ सालों में इस नहर को एक डरावना नाम मिल गया है – “खूनी नहर”। एक समय लोगों की ज़िंदगी बचाने वाली यह नहर अब मौत की जगह बनती जा रही है। खासकर बवाना क्षेत्र के पास रहने वाले लोग इस नहर के बारे में डर के साथ बात करते हैं। इसी इलाके में, जिसे आमतौर पर बवाना नहर कहा जाता है, अक्सर ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं जो दिल्ली के सबसे डरावने रहस्यों में गिनी जाती हैं।

दिल्ली की 'खूनी नहर'

मुनक नहर से ऐसी डरावनी चीज़ें मिलती हैं जिन्हें देखकर रूह कांप जाए, जैसे कि सड़े-गले, कटे-फटे और पहचान में न आने वाले शव। अब ये घटनाएं इतनी आम हो गई हैं कि इस महीने की शुरुआत में जब एक सिर, हाथ और पैर से रहित लाश मिली, तो किसी को ज़्यादा हैरानी नहीं हुई। दरअसल, यह इस साल मुनक नहर से मिलने वाला दसवां शव था। जनवरी 2022 से 27 अप्रैल 2025 तक, इस नहर से कम से कम 91 शव बरामद किए जा चुके हैं। इसका मतलब है कि हर साल औसतन 30 और हर महीने दो से ज़्यादा लाशें इस नहर से निकल रही हैं।

आए दिन मिलते हैं लाश

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