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Independence Day 2025: भारत का इकलौता शहर जहां एक दिन पहले ही फहराते हैं तिरंगा

Independence Day 2025: आमतौर पर भारत में आजादी का जश्न 15 अगस्त को मनाया जाता है, लेकिन एक शहर ऐसा भी है, जहां पर यह परंपरा अलग है. यहां लोग 14 अगस्त की रात को ही तिरंगा फहरा देते हैं और देशभक्ति के रंग में सराबोर होकर आजादी का उत्सव पहले ही मना लेते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 12, 2025 पर 10:03 AM
Independence Day 2025: भारत का इकलौता शहर जहां एक दिन पहले ही फहराते हैं तिरंगा
Independence Day 2025: अगर सालों की गिनती देखें तो 1947 से 2025 तक 78 साल पूरे होते हैं।

बिहार के पूर्णिया जिले में स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी एक अनोखी परंपरा सालों से निभाई जा रही है, जो देशभर में इसे खास बनाती है। यहां 15 अगस्त की सुबह नहीं, बल्कि उससे एक रात पहले यानी 14 अगस्त की रात को ही तिरंगा फहरा दिया जाता है। यह परंपरा 1947 में देश की आजादी के समय शुरू हुई थी और तब से अब तक बिना किसी रुकावट के जारी है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ झंडा फहराने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आजादी के जश्न की शुरुआती घंटियों जैसा है। 14 अगस्त की रात यहां माहौल बेहद उत्साहपूर्ण होता है—लोग घरों, गलियों और स्कूलों में रोशनी करते हैं, देशभक्ति गीत गाते हैं और तिरंगे को सलामी देते हैं। इस अनोखे आयोजन का मकसद आजादी के उस ऐतिहासिक क्षण को याद करना है, जब देश ने पहली बार ब्रिटिश हुकूमत से मुक्ति पाई थी।

14 अगस्त की रात क्यों होता है झंडा फहराना?

1947 में आजादी की घोषणा रात 12 बजकर 1 मिनट पर रेडियो के जरिए हुई थी। उसी समय स्वतंत्रता सेनानी रामेश्वर प्रसाद सिंह ने अपने साथियों रामरतन साह और शमशुल हक के साथ पूर्णिया के झंडा चौक पर तिरंगा फहराया। उन्होंने मिठाइयां बांटकर आजादी का जश्न मनाया। तभी से यह परंपरा शुरू हुई, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है।

देश का पहला रात में तिरंगा फहराने वालाशहर

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