Get App

क्या सऊदी अरब चाहता है कि पाकिस्तान ईरान पर हमला करे? रियाद ने इस्लामाबाद को याद दिलाया 2025 का रक्षा समझौते

Middle East War: इस रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब को पाकिस्तान की न्यूक्लियर ताकत का भी सहारा मिल सकता है, जिससे वह अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम कर सके और ईरान के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर सके। पाकिस्तान के लिए ईरान से टकराव बहुत जोखिम भरा हो सकता है

Shubham Sharmaअपडेटेड Mar 22, 2026 पर 3:52 PM
क्या सऊदी अरब चाहता है कि पाकिस्तान ईरान पर हमला करे? रियाद ने इस्लामाबाद को याद दिलाया 2025 का रक्षा समझौते
क्या सऊदी अरब चाहता है कि पाकिस्तान ईरान पर हमला करे?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है कि वह ईरान के खिलाफ खड़ा हो। सऊदी अरब ने 2025 के रक्षा समझौते की याद दिलाते हुए इशारा किया है कि वह चाहता है कि पाकिस्तान इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाए। ऐसा माना जाता है कि सऊदी अरब पाकिस्तान की मजबूत और अनुभवी सेना पर भरोसा करता है, खासकर यमन में जमीनी लड़ाई में आई मुश्किलों के बाद।

इस रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब को पाकिस्तान की न्यूक्लियर ताकत का भी सहारा मिल सकता है, जिससे वह अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम कर सके और ईरान के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर सके।

अगर ऐसा होता है, तो पाकिस्तानी सेना ईरान की पूर्वी सीमा पर दूसरा मोर्चा खोल सकती है या फिर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा में मदद कर सकती है। इससे सऊदी सेना को सीधे जमीनी लड़ाई में ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

पाकिस्तान के लिए खतरे

सब समाचार

+ और भी पढ़ें