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Budget 2025: निर्मला सीतारमण को टैक्स ब्रैकेट और डिडक्शन बढ़ाने की सलाह, मिडिल क्लास की जिंदगी में भर जाएंगी खुशियां

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ सालों में जिस तरह से महंगाई बढ़ी है, उससे 10-15 लाख रुपये की सालाना इनकम ज्यादा नहीं रह गई है। खासकर दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में यह इनकम ज्यादा नहीं रह गई है। अगर सरकार यूनियन बजट में टैक्स में राहत देती है तो इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 22, 2025 पर 9:57 AM
Budget 2025: निर्मला सीतारमण को टैक्स ब्रैकेट और डिडक्शन बढ़ाने की सलाह, मिडिल क्लास की जिंदगी में भर जाएंगी खुशियां
अभी 10-15 लाख से ज्यादा सालाना इनकम वाले लोगों को काफी टैक्स चुकाना पड़ता है।

मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स यूनियन बजट 2025 को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को उन्हें टैक्स में राहत देंगी। अभी 10-15 लाख से ज्यादा सालाना इनकम वाले लोगों को काफी टैक्स चुकाना पड़ता है। इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है। इनकम टैक्स की नई रीजीम में सालाना 15 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले लोगों को 30 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ता है।

टैक्स ब्रैकेट बढ़ाने से होगा फायदा

बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी का मानना है कि सरकार के तीन ऐलान से मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स की जिंदगी आसान हो सकती है। उन्होंने नई टैक्स रीजीम में 15 लाख रुपये तक इनकम वाले ब्रैकेट की सीमा बढ़ाकर 18 लाख रुपये करने की सलाह वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman को दी है। अभी 12 से 15 लाख रुपये तक की इनकम पर 20 फीसदी टैक्स लगता है। अगर इस टैक्स ब्रैकेट की सीमा 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 18 लाख रुपये कर दी जाती है तो सालाना 18 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स घटकर 20 फीसदी रह जाएगा। अभी सालाना 15 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले लोगों को 30 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ता है।

इनकम टैक्स से छूट की सीमा बढ़ानी होगी

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