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बजट 2023: लिस्टेड और अनलिस्टेड शेयरों पर LTCG के एक जैसे नियम जरूरी, इससे प्राइवेट कंपनियों में बढ़ेगा निवेश

बजट 2023: इंडिया दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है, जहां लिस्टेड और अनलिस्टेड शेयरों पर कैपटल गेंस टैक्स के नियम अलग-अलग हैं। अनलिस्टेड शेयरों पर एलटीसीजी टैक्स लिस्टेड शेयरों के मुकाबले दोगुना है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 05, 2022 पर 5:06 PM
बजट 2023: लिस्टेड और अनलिस्टेड शेयरों पर LTCG के एक जैसे नियम जरूरी, इससे प्राइवेट कंपनियों में बढ़ेगा निवेश
एक्सपर्ट्स लंबे समय से एलटीसीजी टैक्स के नियमों में इस असमानता को दूर करने की मांग कर रहे हैं।

बजट 2023: प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल फर्मों ने लिस्टेड (Listed shares) और अनलिस्टेड शेयरों (Unlisted Shares) के लिए लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस (Long term Captial Gains) के एक जैसे नियमों की मांग की है। उनका मानना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में इस बारे में ऐलान कर सकती हैं। दरअसल, यह मांग काफी समय से की जा रही है। अगर इस बार बजट में उनकी यह मांग मान ली जाती है तो इससे प्राइवेट सेक्टर में इनवेस्टमेंट काफी बढ़ेगा। अभी अनलिस्टेड शेयरों और लिस्टेड शेयरों पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के नियम एक समान नहीं हैं।

अभी क्या हैं एलटीसीजी टैक्स के नियम?

24 महीने से ज्यादा समय तक रखे गए अनलिस्टेड शेयरों पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स 12 महीने तक रखे गए लिस्टेड शेयरों पर लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स का दोगुना है। अनलिस्टेड शेयरों पर लगने वाला लॉन्ग कैपिटल गेंस टैक्स 20 फीसदी है, जबकि लिस्टेड शेयरों के लिए 10 फीसदी है। सरकार ने 2022 के बजट में अनलिस्टेड शेयरों के एलटीसीजी पर सरचार्ज की सीमा 15 फीसदी तय की थी। इससे इफेक्टिव टैक्स रेट करीब 16 फीसदी हो गया था। इससे पहले अनिलिस्टेड शेयरों पर सरचार्ज 37 फीसदी से ज्यादा था।

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