Get App

Byju's ने अमेरिकी निवेशक से जुटाए 2056 करोड़, इन विपरीत परिस्थितियों में कंपनी को मिला तगड़ा फंड

दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली एडुटेक फर्म बायजूज (Byju's) पिछले साल 2022 से कई चुनौतियों से जूझ रही है। हालांकि अब इसने विपरीत परिस्थितियों में अमेरिकी निवेशक से तगड़ा निवेश हासिल किया है। अमेरिकी अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फर्म डेविडसन केंपनर ने स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए इसमें 25 करोड़ डॉलर (2056.41 करोड़ रुपये) डाले हैं। जानिए बायजूज किन चुनौतियों से जूझ रही है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड May 13, 2023 पर 10:55 AM
Byju's ने अमेरिकी निवेशक से जुटाए 2056 करोड़, इन विपरीत परिस्थितियों में कंपनी को मिला तगड़ा फंड
देश की सबसे अधिक वैल्यू वाली स्टार्टअप बायजूज पिछले साल से ही भारी दिक्कतों से जूझ रही है। खातों में गड़बड़ी, कोर्सेज की गलत तरीके से बिक्री और भारी छंटनी के चलते यह लगातार खबरों में बनी हुई है।

दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली एडुटेक फर्म बायजूज (Byju's) ने तगड़ा निवेश हासिल किया है। अमेरिकी अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फर्म डेविडसन केंपनर ने स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए इसमें 25 करोड़ डॉलर (2056.41 करोड़ रुपये) डाले हैं। मनीकंट्रोल ने इस हफ्ते की शुरुआत में ही यह जानकारी दी थी कि बायजूज अमेरिकी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों और मिडिल ईस्ट के सॉवरेन फंड्स से 100 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश में है। इसमें से 30 करोड़ डॉलर का फंड स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स और बाकी 70 करोड़ डॉलर का फंड 2200 करोड़ डॉलर के वैल्यूएशन पर इक्विटी के जरिए जुटाने की योजना थी।

स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स मार्केट लिंक्ड इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट होते हैं जिन्हें बाद में शेयरों में बदला जा सकता है और आमतौर पर निवेशकों को यह डिस्काउंट में मिलता है। मौजूदा विपरीत परिस्थितयों में बायजूज को जो फंड मिला है, उससे यह 120 करोड़ डॉलर के टर्म लोन बी (TLB) के कुछ हिस्से का चुकता करेगी। यह लोन बायजूज ने 2021 में हासिल किया था।

अहम मौके पर मिला Byju's को निवेश

बायजूज को अमेरिकी इनवेस्टमेंट फर्म से यह निवेश अहम मौके पर मिला है। इसकी वजह यह है कि कुछ हफ्ते पहले केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के प्रावधानों के तहत इसके ऑफिसों पर छापा मारा था। इसके अलावा यह फंड बायजूज को ऐसे समय में मिला है जब भारतीय स्टार्टअप फंडिंग की दिक्कतों से जूझ रहे हैं। वहीं निवेशक एडुटेक कंपनियों को लेकर और ज्यादा सतर्क हैं क्योंकि महामारी के बाद अब ऑनलाइन लर्निंग की मांग तेजी से कम हुई है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें