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RBI को पहली बार हुई यह फिक्र, कॉरपोरेट की तुलना में रिटेल धड़ाधड़ ले रहे कर्ज

पिछले हफ्ते रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने मौद्रिक नीतियों का ऐलान किया। इसके बाद उन्होंने एक खास प्रकार के लोन को लेकर बड़ी चिंता जताई। उन्होंने अनसिक्योर्ड रिटेल लोन को से जुड़े खतरों के बारे में बताया। हालांकि उन्होंने यह आश्वासन दिया कि फिलहाल चिंता का कोई तत्काल कारण नहीं है लेकिन ऐसे क्रेडिट में खतरे को महसूस किया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 09, 2023 पर 9:37 AM
RBI को पहली बार हुई यह फिक्र, कॉरपोरेट की तुलना में रिटेल धड़ाधड़ ले रहे कर्ज
28 जून को जारी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में RBI ने खुलासा किया कि ग्रॉस एडवांसेज में बड़े कर्जदारों का हिस्सा पिछले तीन साल में गिर रहा है क्योंकि कॉरपोरेट की तुलना में खुदरा कर्ज तेजी से बढ़ा है।

पिछले हफ्ते रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने मौद्रिक नीतियों का ऐलान किया। इसके बाद उन्होंने एक खास प्रकार के लोन को लेकर बड़ी चिंता जताई। उन्होंने अनसिक्योर्ड रिटेल लोन को से जुड़े खतरों के बारे में बताया। हालांकि उन्होंने यह आश्वासन दिया कि फिलहाल चिंता का कोई तत्काल कारण नहीं है लेकिन ऐसे क्रेडिट में खतरे को महसूस किया है। RBI इस बात के लिए परेशान है कि उन कर्जों में तेज उछाल है जिन्हे पारंपरिक तौर पर बहुत रिस्क वाला माना जाता है। इसमें तेज बढ़ोतरी इसलिए हो रही है क्योंकि बैंक अपने पर्सनल लोनबुक को बढ़ाने के लिए काफी आक्रामक हैं।

क्या कहते हैं आंकड़े

केंद्रीय बैंक आरबीआई के डिप्टी गवर्नर जे स्वामीनाथन ने खुलासा किया कि पिछले दो वर्षों में सिस्टम में क्रेडिट ग्रोथ 12-14 फीसदी रही जबकि इस दौरान रिटेल क्रेडिट 23 फीसदी की दर से बढ़ा। इस वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त 2023 तक रिटेल क्रेडिट 30.8 फीसदी की दर से बढ़ा जबकि पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 19.4 फीसदी पर था। सबसे अधिक तेजी क्रेडिट कार्ड लोन में आई और अप्रैल-अगस्त 2023 में इसकी ग्रोथ सालाना आधार पर 26.8 फीसदी से बढ़कर 30 फीसदी से ऊपर पहुंच गई तो एडुकेशन लोन भी 11 फीसदी से उछलकर 20.2 फीसदी पर पहुंच गया।

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