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ABG Shipyard Scam: कभी एबीजी शिपयार्ड को लोन देने के लिए कतार में खड़े रहते थे बैंक, अब 28 बैंकों को लगा दिया 22,842 करोड़ रुपये का चूना

CBI ने गुरुवार को 22,848 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले से जुड़ी अपनी जांच के सिलसिले में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ऋषि कमलेश अग्रवाल से पूछताछ की

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 18, 2022 पर 3:59 PM
ABG Shipyard Scam: कभी एबीजी शिपयार्ड को लोन देने के लिए कतार में खड़े रहते थे बैंक, अब 28 बैंकों को लगा दिया 22,842 करोड़ रुपये का चूना
22,848 करोड़ रुपये का यह कथित बैंक घोटाला किसी भी केंद्रीय एजेंसी द्वारा दर्ज किया गया इस तरह का सबसे बड़ा मामला है

ABG Shipyard Bank Loan Scam: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को 22,848 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले से जुड़ी अपनी जांच के सिलसिले में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड (ABG Shipyard) के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ऋषि कमलेश अग्रवाल (Rishi Kamlesh Agarwal) से पूछताछ की। पूछताछ की तारीख सहित अन्य कोई जानकारी दिए बगैर अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में अग्रवाल से पूछताछ की गई थी।

बता दें कि 22,848 करोड़ रुपये का यह कथित बैंक घोटाला किसी भी केंद्रीय एजेंसी द्वारा दर्ज किया गया इस तरह का सबसे बड़ा मामला है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा 25 अगस्त, 2020 को दी गई शिकायत पर आधार पर सात फरवरी को मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई इसकी जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि केन्द्रीय जांच एजेंसी ने मामले के आरोपी को देश छोड़कर भागने से रोकने के लिए लुक आउट सर्कुलर जारी किया है।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, विश्वास भंग और आधिकारिक पद के दुरुपयोग से जुड़ी भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत एबीजी शिपयार्ड के तत्कालीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संतनम मुथुस्वामी, निदेशकों अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल निवेदिता को भी FIR में नामजद किया है। केस दर्ज करने के तुरंत बाद सीबीआई ने 12 फरवरी को 13 परिसरों की तलाशी ली थी।

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