डेनियल काह्नमैन (Daniel Kahneman) एक मनोवैज्ञानिक थे। लेकिन, उन्होंने इकोनॉमिक्स को पुनर्परिभाषित किया। उनकी बुक 'थिंकिंग, फास्ट एंड स्लो' (Thinking, Fast and Slow) का इनवेस्टर्स और बिजनेस लीडर्स पर काफी असर पड़ा। डिसिजन-मेकिंग और अनिश्चितता पर किए गए वर्क के लिए 2002 में उन्हें इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार मिला था। यह पुरस्कार उन्हें Amos Tversky के साथ दिया गया था। काह्नमैन का 27 मार्च को 90 साल की उम्र में निधन हो गया। मनीकंट्रोल की एन महालक्ष्मी से बातचीत में उन्होंने अपने वर्क, डिसीजन मेकिंग और करियर के बारे में कई बातें बताई थीं।
