अगर आप स्टॉक के डेरिवेटिव्स में पोजिशन लेते हैं तो अगले महीने से मई (कुछ शेयरों के लिए जुलाई) या इससे बाद की एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए स्ट्रैटेजी में थोड़ा बदलाव करना पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने कुछ स्टॉक्स के लिए लॉट साइज बढ़ा दिया है तो कुछ स्टॉक्स के लॉट साइज को घटा दिया है। लॉट साइज को ऐसे समझें कि जैसे कि अगर आपको ONGC के शेयरों का फ्यूचर लेना है या ऑप्शंस तो अभी कम से कम 3850 शेयरों और इसके गुणक में ही शेयरों की पोजिशन ले सकते हैं यानी कि लॉट साइज 3850 है। अगले महीने से मई या इसके बाद की एक्सपायरी के लिए यह लॉट साइज 1925 शेयरों का हो जाएगा यानी आधे पैसे में ही ONGC के F&O में पोजिशन ले सकेंगे।
