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NTPC Shares: Q2 में 14% बढ़ा मुनाफा, उम्मीद से बेहतर नतीजे फिर भी ढह गए शेयर, ये है वजह

NTPC Shares: आमतौर पर किसी कंपनी के नतीजे शानदार आते हैं तो माना जाता है कि शेयर रॉकेट बन जाएंगे। हालांकि एनटीपीसी के शेयरों में ऐसा नहीं हुआ और सितंबर तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे के बावजूद यह 4 फीसदी से अधिक टूट गया। बिजली बनाने वाली सरकारी कंपनी का मुनाफा सितंबर तिमाही में 14 फीसदी बढ़ा। जानिए ऐसा क्यों हुआ

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 25, 2024 पर 4:30 PM
NTPC Shares: Q2 में 14% बढ़ा मुनाफा, उम्मीद से बेहतर नतीजे फिर भी ढह गए शेयर, ये है वजह
सितंबर तिमाही में NTPC का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर 5,380 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि इस दौरान ऑपरेशनल रेवेन्यू में हल्की गिरावट आई और यह 44,696 करोड़ रुपये पर आ गया।

NTPC Shares: आमतौर पर किसी कंपनी के नतीजे शानदार आते हैं तो माना जाता है कि शेयर रॉकेट बन जाएंगे। हालांकि एनटीपीसी के शेयरों में ऐसा नहीं हुआ और सितंबर तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे के बावजूद यह 4 फीसदी से अधिक टूट गया। बिजली बनाने वाली सरकारी कंपनी का मुनाफा सितंबर तिमाही में 14 फीसदी बढ़ा, लेकिन शेयर BSE पर 4.87 फीसदी फिसलकर 391.70 रुपये के भाव पर आ गए। निचले स्तर पर खरीदारी के चलते भाव में हल्की रिकवरी हुई है लेकिन अब भी यह काफी दबाव में है। आज BSE पर यह 3.13 फीसदी की गिरावट के साथ 398.85 रुपये के भाव पर बंद हुआ है।

NTPC की कैसी है कारोबारी सेहत?

सितंबर तिमाही में एनटीपीसी का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर 5,380 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि इस दौरान ऑपरेशनल रेवेन्यू में हल्की गिरावट आई और यह 44,696 करोड़ रुपये पर आ गया। कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर 2.5 रुपये के अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है। एनटीपीसी देश की सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड पावर यूटिलिटी है जो देश की बिजली जरूरतों का 25 फीसदी बनाती है। सितंबर छमाही में इसने 2.20 हजार करोड़ यूनिट्स बिजली बनाई जबकि पिछले साल की समान छमाही में इसने 2.12 हजार करोड़ यूनिट्स बिजली बनाई थी। हालांकि स्टैंडएलोन बेसिस पर बात करें तो इसने सितंबर छमाही में 18.6 हजार करोड़ ग्रॉस यूनिट बिजली बनाई जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 17.9 हजार करोड़ यूनिट था। सितंबर तिमाही में इसका ग्रॉस इलेक्ट्रिसिटी जेनेरेशन सालाना आधार पर सितंबर तिमाही में 9030 करोड़ यूनिट से घटकर 8846 करोड़ यूनिट पर आ गया।

कैप्टिल माइन्स से इसका कोल आउटपुट सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 55.9 लाख टन से बढ़कर 90.3 लाख टन पर पहुंच गया। इस दौरान प्रोडक्शन भी 1.18 करोड़ टन से उछलकर 18.87 करोड़ टन पर पहुंच गया। हालांकि एनटीपीसी का प्लांट लोड फैक्टर यानी कि कैपेसिटी यूटिलाइजेशन इस दौरान 75.83 फीसदी से गिरकर 72.28 फीसदी पर आ गया। घरेलू स्तर पर कोयले की सप्लाई सुधरकर 5.42 करोड़ टन से बढ़कर 5.48 करोड़ टन पर पहुंच गई।

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