डॉलर के मुकाबले रुपए की सेहत जल्द सुधरने नहीं जा रही। अगले साल भी भी यह अपने सबसे निचले स्तर के आसपास बना रहेगा। इसकी वजह बिगड़ता व्यापार संतुलन (Trade Balance) और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की तरफ से इंटरेस्ट रेट में की जा रही वृद्धि है। रायटर्स के एक पोल में यह अनुमान जताया गया है।
