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नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी, आखिर किसे मिलेगी आपकी संपत्ति? समझिए क्या कहता है कानून

नॉमिनी का नाम होना क्या संपत्ति का मालिकाना हक देता है? बैंक, इंश्योरेंस और शेयर में नियम अलग हैं। नॉमिनी, कानूनी उत्तराधिकारी और वसीयत- तीनों में असली ताकत किसकी है, कानून क्या कहता है, समझिए यहां।

Suneel Kumarअपडेटेड Feb 17, 2026 पर 3:09 PM
नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी, आखिर किसे मिलेगी आपकी संपत्ति? समझिए क्या कहता है कानून
वसीयत वह दस्तावेज है जो नॉमिनी से भी ऊपर होता है।

कई लोग बैंक अकाउंट, इंश्योरेंस पॉलिसी, म्यूचुअल फंड या शेयर लेते वक्त नॉमिनी का नाम दर्ज कर देते हैं। फिर मान लेते हैं कि उनके बाद वही व्यक्ति उस पैसे या संपत्ति का मालिक बन जाएगा।

लेकिन हकीकत यह है कि नॉमिनी और कानूनी उत्तराधिकारी एक ही चीज नहीं होते। कई मामलों में नॉमिनी सिर्फ पैसा लेने वाला होता है, जबकि असली हक किसी और का होता है। यही भ्रम आगे चलकर पारिवारिक विवाद और कोर्ट केस की वजह बनता है।

कौन होता है नॉमिनी?

नॉमिनी वह व्यक्ति होता है, जिसका नाम आप किसी फाइनेंशियल प्रोडक्ट में दर्ज करते हैं, ताकि आपकी मृत्यु के बाद पैसा या संपत्ति आसानी से ट्रांसफर हो सके। बैंक, इंश्योरेंस कंपनी या म्यूचुअल फंड हाउस के लिए नॉमिनी वही व्यक्ति होता है, जिसे वे भुगतान कर देते हैं।

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