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NPS Tier-II investments: टैक्स-सेविंग्स के लिए NPS टियर-2 अकाउंट में भी कर सकते हैं इनवेस्ट, लेकिन पहले निवेश के रिटर्न पर टैक्स के नियम जान लें

NPS Tier-II investments: केंद्र सरकार ने अपने एंप्लॉयीज के लिए सितंबर 2020 में एनपीएस टियर-2 वैरिएंट (NPS-TTS) शुरू किया था। इसमें लॉक-इन पीरियड 3 साल है। इसका फायदा केंद्र सरकार के सिर्फ ऐसे एंप्लॉयीज उठा सकते हैं, जिनका एक्टिव एनपीएस टियर 1 अकाउंट है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 06, 2024 पर 11:35 AM
NPS Tier-II investments: टैक्स-सेविंग्स के लिए NPS टियर-2 अकाउंट में भी कर सकते हैं इनवेस्ट, लेकिन पहले निवेश के रिटर्न पर टैक्स के नियम जान लें
म्यूचुअल फंड्स की तरह टियर 1 और टियर 2 अकाउंट्स के जरिए डेट (कॉर्पोरेट डेट एंड गवर्नमेंट सिक्योरिटीज), इक्विटी और अल्टरनेटिव एसेट स्कीम में निवेश किया जा सकता है।

केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज के लिए सेक्शन 80सी (Section 80C) के तहत आने वाले इंस्ट्रूमेंट्स में टैक्स-सेविंग्स के अलावा टैक्स बचाने का एक और ऑप्शन है। यह है नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) टियर-2 (इनवेस्टमेंट) अकाउंट। केंद्र सरकार ने सितंबर 2020 में एनपीएस टियर-2 वैरिएंट (NPS-TTS) शुरू किया था। इसमें लॉक-इन पीरियड 3 साल है। यह सिर्फ केंद्र सरकार के ऐसे एंप्लॉयीज के लिए हैं, जिनका एक्टिव एनपीएस टियर-1 (प्राइमरी, रिटायरमेंट) अकाउंट है। केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं और सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक के टैक्स-डिडक्शन का फायदा उठा सकते हैं।

टियर 2 अकाउंट में निवेश के लिए एक्टिव टियर 1 अकाउं होना चाहिए

इस स्कीम में केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है। लेकिन, यह ऐसा विकल्प है, जिसका इस्तेमाल वे 31 मार्च से पहले टैक्स-सेविंग्स के लिए कर सकते हैं। केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज के अलावा दूसरे लोग भी एनपीएस के लो चार्ज स्ट्रक्चर का फायदा उठाने के लिए इस अकाउंट को ओपन कर सकते हैं। शर्त यह है कि उनके पास एनपीएस टियर-1 अकाउंट होना चाहिए।

इक्विटी और डेट में निवेश करने का विकल्प

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