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Vedanta का विदेशी जिंक एसेट्स सिर्फ Hindustan Zinc का, चेयरमैन ने दूसरे खरीदार की बात पर कहा-मेरी लाश पर

वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल अभी भी विदेशों के जिंक एसेट्स हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) को बेचने की योजना पर बने हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि वह हिंदुस्तान जिंक में अपनी हिस्सेदारी को बेच दें। अनिल अग्रवाल ने यह चेतावनी भी दी है कि बिना इस सौदे के बिना हिंदुस्तान जिंक नीचे गिरता जाएगा

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Mar 04, 2023 पर 6:13 PM
Vedanta का विदेशी जिंक एसेट्स सिर्फ Hindustan Zinc का, चेयरमैन ने दूसरे खरीदार की बात पर कहा-मेरी लाश पर
वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल का कहना कि सरकार को हिंदुस्तान जिंक में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लेना होगा और इसे बोर्ड के हिसाब से चलना होगा, ना कि सरकार के हिसाब से।

वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल अभी भी विदेशों के जिंक एसेट्स हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) को बेचने की योजना पर बने हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि वह हिंदुस्तान जिंक में अपनी हिस्सेदारी को बेच दें। अनिल अग्रवाल ने यह चेतावनी भी दी है कि बिना इस सौदे के बिना हिंदुस्तान जिंक नीचे गिरता जाएगा। सीएनबीसी-टीवी 18 को दिए एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह वेदांता के इंटरनेशनल जिंक एसेट्स को हिंदुस्तान जिंक में मिलाने की बजाय दूसरा खरीदार खोजेंगे तो इस पर अनिल अग्रवाल ने सीधे कह दिया कि मेरी लाश पर। वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन का कहना है कि उन्हें बॉन्ड पेमेंट्स को लेकर कोई चिंता नहीं है क्योंकि कंपनी के पास पर्याप्त इंटरनल एक्रूअल्ज हैं।

सरकार और वेदांता क्यों हैं विपरीत छोर पर

वेदांता विदेशों में अपनी जिंक एसेट्स को हिंदुस्तान जिंक को बेचना चाहती है। यह सौदा करीब 298 करोड़ डॉलर का हो सकता है। हालांकि सरकार इस सौदे के खिलाफ है। सरकार की हिंदुस्तान जिंक में 29 फीसदी हिस्सेदारी है और वेदांता की 65 फीसदी के करीब। सरकार की आपत्ति जिंक एसेट्स के वैल्यूएशन को लेकर है।

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