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क्या दिवालिया होने वाली है Byju's? विदेशी कर्जदाताओं ने भारत में फाइल की पिटीशन

नवंबर 2021 में बायजू ने ऋणदाताओं से 1.2 अरब डॉलर की टर्म लोन सुविधा (TLB) हासिल की। इसके तुरंत बाद लेंडर्स और स्टार्टअप में असहमति पैदा हो गई। Byju's ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया की शुरुआत उसकी वित्तीय ताकत या भुगतान दायित्वों को पूरा करने की क्षमता को नहीं दर्शाती है। ऋणदाताओं ने ऐसे समय पर यह याचिका दायर की है, जब स्टार्टअप राइट्स इश्यू के माध्यम से पैसे जुटाने की तैयारी में है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 25, 2024 पर 4:04 PM
क्या दिवालिया होने वाली है Byju's? विदेशी कर्जदाताओं ने भारत में फाइल की पिटीशन
ऋणदाताओं ने बैंकरप्सी दावों को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रमुख लॉ फर्म को नियुक्त किया है और Byju's को नोटिस भेजा है।

एडटेक स्टार्टअप Byju's की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब स्टार्टअप के खिलाफ

विदेशी ऋणदाताओं ने भारत में दिवालिया याचिका (Insolvency Petition) दायर की है। यह बात मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने कही है। इन लेंडर्स का कुल मिलाकर Byju's के 1.2 अरब डॉलर के टर्म लोन में 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि बैंकरप्सी पिटीशन इस सप्ताह की शुरुआत में नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) की बेंगलुरु बेंच के समक्ष दायर की गई।

Byju's ने कहा है कि एनसीएलटी के समक्ष ऋणदाताओं द्वारा दायर की गई याचिका प्रीमैच्योर और आधारहीन है। स्टार्टअप ने एक जवाब में कहा, ‘जैसा कि हमने पहले कहा है, टर्म लोन में तेजी लाने सहित ऋणदाताओं के एक्शंस की वैधता कई प्रोसिडिंग्स में पेंडिंग और अंडर चैलेंज है। इसमें न्यूयॉर्क सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले भी शामिल हैं।’ Byju's ने यह भी कहा कि ऋणदाताओं ने ऐसे समय पर यह याचिका दायर की है, जब स्टार्टअप राइट्स इश्यू के माध्यम से पैसे जुटाने की तैयारी में है।

नवंबर 2021 में लिया था टर्म लोन

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