जेट एयरवेज (Jet Airways) के लेनदारों ने इस एयरलाइन की संपत्तियों को बेच जाने की मांग की है। लेनदारों ने सुप्रीम कोर्ट में सोमवार 10 जुलाई के कहा कि नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने एयरलाइन के लिए जिस रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी, वह काम नहीं कर रहा है। लेनदारों की समिति की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमण ने कोर्ट में कहा, एयरलाइन का मालिकाना हक जालान-कैलरॉक कंसोर्टियम को ट्रांसफर हुई है, लेकिन उसने अभी तक एयरलाइन में एक भी पैसा नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) भी के एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट को रिन्यू करने के लिए तैयार नहीं है, जो मई में समाप्त हो गया था।
