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Kanchanjunga Express Accident: किसी के लिए अच्छा, तो किसी के लिए दर्दनाक! घटना से पहले बदली थी ट्रेन की दिशा, आगे पीछे के डिब्बे भी बदले

Kanchanjunga Express Accident: असम के लामडिंग में इस ट्रेन की डायरेक्शन बदली गई, जो कि एक तय प्रक्रिया होती है। तकनीकि भाषा में इसे डायरेक्शन रिवर्सल कहते हैं। दिशा बदलने के इस पूरे प्रोसेस के बाद, जो डिब्बे पहले आगे थे, वे ट्रेन के पिछले हिस्से में आ गए। सियालदह जाने वाली कंचनजंघा एक्सप्रेस के पीछे के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे कम से कम 15 यात्री मारे गए और 60 अन्य घायल हो गए

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 18, 2024 पर 2:18 PM
Kanchanjunga Express Accident: किसी के लिए अच्छा, तो किसी के लिए दर्दनाक! घटना से पहले बदली थी ट्रेन की दिशा, आगे पीछे के डिब्बे भी बदले
Kanchanjunga Express Accident: घटना से पहले बदली थी ट्रेन की दिशा, आगे पीछे के डिब्बे भी बदले

अगरतला-सियालदह कंचनजंघा एक्सप्रेस के पहले और आखिरी कोच में बैठे यात्रियों के लिए सोमवार को असम के लामडिंग स्टेशन पर हुई एक तय ऑपरेशनल प्रोसेस किसी की लिए अच्छा साबित हुआ, तो किसी के लिए बेहद ही बुरा। ये कहना गलत नहीं होगा कि इस पूरे प्रोसेस ने घटना में कई लोगों का जीवन एकदम से बदल दिया। पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी के पास रंगापानी में एक्सप्रेस ट्रेन को एक मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी। असम के लामडिंग में इस ट्रेन की डायरेक्शन बदली गई, जो कि एक तय प्रक्रिया होती है। तकनीकि भाषा में इसे डायरेक्शन रिवर्सल कहते हैं। दिशा बदलने के इस पूरे प्रोसेस के बाद, जो डिब्बे पहले आगे थे, वे ट्रेन के पिछले हिस्से में आ गए।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, ट्रेन के बीच में स्लीपर कोच में बैठे एक यात्री ने कहा, "घटना में ट्रेन के जो डिब्बे डैमेज हुए, वो लामडिंग तक आगे की ओर थे।"

यात्री ने बताया कि दिशा बदलने के बाद, प्रभावित चार कोच - एक जनरल सीटिंग कोच, दो पार्सल वैन और एक गार्ड वैन - पीछे के छोर पर थे। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में जनरल सीटिंग कोच सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जो बगल की पटरियों पर जा गिरा।

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