Ram Mandir Inauguration: ये सच्ची कहानी धनबाद की सरस्वती अग्रवाल (Saraswati Aggarwal) की है। करमटांड़ की रहने वालीं 85 साल की सरस्वती अग्रवाल ने 30 साल पहले मौन व्रत का संकल्प लिया था और प्रण किया था कि जब तक अयोध्या में राम मंदिर नहीं बन जाता, वह कभी नहीं बोलेंगी। प्रभु राम के चरणों में अपना जीवन समर्पित करने वाली सरस्वती अग्रवाल का ज्यादातर वक्त अयोध्या में ही बीतता है
अपडेटेड Jan 08, 2024 पर 06:05 PM