गुरमीत चड्ढा ने कहा कि टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितता, कमजोर तिमाही नतीजे , फेड की मीटिंग, जैसे कई अहम इवेंट्स ने बाजार को मूड माहौल खराब किया है। वहीं पिछले कुछ दिनों से एफआईआई की बिकवाली भी बढ़ी है। जिन कंपनियों के तिमाही नतीजे बेहतर आ रहे है उन्हें बाजार रिवॉर्ड कर रहा है और जिनके नतीजे निराशाजनक रहे है उन्हें बाजार पनिस कर रहा है
अपडेटेड Jul 30, 2025 पर 06:52 PM