हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) का मुखिया आम तौर पर परिवार का कोई पुरुष सदस्य होता है। वह परिवार की संपत्ति सहित दूसरे बड़ फैसले लेता है। हालांकि, पिछले दो दशकों में इस स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आया है। खासकर एचयूएफ में महिलाओं के अधिकार के मामले में बड़ा बदलाव आया है। सवाल है कि क्या एक महिला एचयूएफ का कर्ता बन सकती है?
