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क्या एक महिला हिंदू अविभाजित परिवार का 'कर्ता' हो सकती है? जानिए बेटियों और पत्नियों के बारे में क्या है कानून

पिछले दो दशकों में परिवार में महिला की कानूनी हैसियत में बड़ा बदलाव आया है। खासकर एचयूएफ में महिलाओं के अधिकार के मामले में बड़ा बदलाव आया है। ऐसा हिंदू सक्सेशन (अमेंडमेंट) एक्ट, 2005 के लागू होने के बाद हुआ है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 26, 2026 पर 7:55 PM
क्या एक महिला हिंदू अविभाजित परिवार का 'कर्ता' हो सकती है? जानिए बेटियों और पत्नियों के बारे में क्या है कानून
कर्ता परिवार के एसेट्स के मैनेजर और ट्रस्टी दोनों का काम करता है। कर्ता एचयूएफ का मुखिया होता है।

हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) का मुखिया आम तौर पर परिवार का कोई पुरुष सदस्य होता है। वह परिवार की संपत्ति सहित दूसरे बड़ फैसले लेता है। हालांकि, पिछले दो दशकों में इस स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आया है। खासकर एचयूएफ में महिलाओं के अधिकार के मामले में बड़ा बदलाव आया है। सवाल है कि क्या एक महिला एचयूएफ का कर्ता बन सकती है?

हिंदू सक्सेशन (अमेंडमेंट) एक्ट, 2005 के बाद आया बदलाव

इस सवाल का जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि महिला समान उत्तराधिकारी (coparcener) है या सिर्फ एक सदस्य है। यह ऐसा फर्क है जिससे अथॉरिटी, ओनरशिप और टैक्स का निर्धारण होता है। ऐतिहासिक रूप से सिर्फ पुरुष कर्ता हो सकते थे, क्योंकि सिर्फ बेटों को संपत्ति में एक समान हक हासिल था। हिंदू सक्सेशन (अमेंडमेंट) एक्ट, 2005 के बाद यह व्यवस्था बदल गई।

हिंदू अविभाजित परिवार का कर्ता बनने के लिए शर्त

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