Budget 2024 Expectations Highlights: 1 फरवरी 2024 को वित्त मंत्री अंतरिम बजट पेश करेंगी। इस साल लोकसभा के चुनाव होना है। ऐसे में अंतरिम बजट पेश नहीं किया जाता है। पूर्ण बजट नई सरकार के गठन के बाद जुलाई में पेश किया जाएगा। पूर्ण बजट से पहले सरकार आर्थिक सर्वे पेश करेगी। जिसमें देश की आर्थिक सेहत के बारे में विस्तार से चर्चा की जाएगी
Interim Budget 2024 Expectations Highlights: वित्त मंत्रालय ने आर्थिक सेहत से जुड़ी एक रिपोर्ट जारी की है। यह आर्थिक सर्वे नहीं है, बल्कि आर्थिक रिव्यू रिपोर्ट है। इस बार अंतरिम बजट पेश किया जाएगा। लिहाजा इसमें आर्थिक सर्वे नहीं पेश किए जाते हैं। इस रिव्यू रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत घरेलू डिमांड की बदौलत पिछले तीन साल में इकोनॉमी की ग्रोथ 7 फीसदी से ज्यादा रही है। फिजिकल और ड
Interim Budget 2024 Expectations Highlights: वित्त मंत्रालय ने आर्थिक सेहत से जुड़ी एक रिपोर्ट जारी की है। यह आर्थिक सर्वे नहीं है, बल्कि आर्थिक रिव्यू रिपोर्ट है। इस बार अंतरिम बजट पेश किया जाएगा। लिहाजा इसमें आर्थिक सर्वे नहीं पेश किए जाते हैं। इस रिव्यू रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत घरेलू डिमांड की बदौलत पिछले तीन साल में इकोनॉमी की ग्रोथ 7 फीसदी से ज्यादा रही है। फिजिकल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के निवेश बढ़ाने से सप्लाई को भी सपोर्ट मिला है। फिलहाल केंद्रीय मंत्री 1 फरवरी 2024 को अंतरिम बजट पेश करेंगी। इस बार के बजट में कोई बड़े ऐलान की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।
फिर भी कई सेक्टर की इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। इसी कड़ी में स्पेस टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री को इस बजट से कई उम्मीदें हैं। इंडस्ट्री ने सरकार को सैटेलाइट, लॉन्च व्हीकल और ग्राउंड इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को जीएसटी से छूट देने की मांग की है। वहीं वित्त मंत्री ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि सरकार का फोकस कहां रहने वाला है। इस बार लोकसभा चुनाव होने की वजह से अंतरिम बजट पेश किया जा सकता है। इसमें लोकलुभावन योजनाओं को जगह दी जा सकती है। इस बार के बजट में सरकार मोदी की गारंटी योजनाओं पर अपना फोकस बढ़ा सकती है।
इस बार अंतरिम बजट (Interim Budget 2024) में सरकार मध्यम वर्ग, किसानों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों समेत मतदाताओं के बड़े वर्ग पर फोकस बढ़ा सकती है। सरकार इनके लिए ‘लोकलुभावन योजनाएं’ पेश कर सकती है। इस बात की जानकारी पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने दी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस गारंटी को पूरा करने के लिए अगर जरूरत हुई, तो राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को लेकर थोड़ी रियायत भी ले सकती है।
टैक्सपेयर्स के लिए भी सरकार इस साल कोई बड़ी राहत दे सकती है। टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है। हालांकि, बहुत बड़ा बदलाव होने के आसार बेहद कम हैं। लेकिन, एक खास सैलरी वर्ग वाले लोगों को बड़ी छूट मिल सकती है। मौजूदा समय में टैक्सपेयर्स के पास दो ऑप्श हैं। एक ओल्ड टैक्स रिजीम और दूसरा न्यू टैक्स रिजीम। कहा जा रहा है कि सरकार ओल्ड टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं करेगी। वहीं न्यू टैक्स रिजीम को लोकलुभावन बनाने के लिए सरकार कुछ अहम कदम उठा सकती है।