अगले साल ग्लोबल इकोनॉमी में सुस्ती और करेंट फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू कलेक्शन के हाई बेस के बावजूद सरकार टैक्स कलेक्शन में वृद्धि का टारगेट डिजिट में तय कर सकती है। इंडियन इकोनॉमी बढ़ रही है, जीएसटी कलेक्शन बढ़ रहा है, घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। इसलिए करेंट फाइनेंशियल ईयर में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन की ग्रोथ तय लक्ष्य से ज्यादा रह सकती है
अपडेटेड Nov 23, 2023 पर 06:16 PM