Budget 2025 Expectations Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट अगले महीने 1 फरवरी को पेश करेंगी। इस बजट से आम आदमी और मीडिल क्लास समेत उद्योग जगत के लोगों की काफी उम्मीदें टिकी हुई है। नौकरीपेशा को उम्मीद है कि उन्हें टैक्स के मोर्चे पर राहत मिलेगी। रियल एस्टेट समेत अन्य सेक्टर के लोगों को भी उम्मीद है कि सरकार टैक्स में कटौती करेगी
अपडेटेड Jan 24, 2025 पर 07:29 PMशेयर बाजार में आई हालिया गिरावट की सबसे ज्यादा मार स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी है। निवेशक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे इन स्मॉलकैप शेयरों में अपने निवेश या SIP को बनाए रखे या फिर इन्हें बेच दें। अगर स्मॉलकैप वाले म्यूचुअल फंड स्कीमों को देखें तो यह उलझन और भी बढ़ जाती है। एक तरफ आंकड़े कहते हैं कि करीब 90 प्रतिशत स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को बीट किया है। लेकिन दूसरी तरफ सच्चाई ये भी है कि एक भी स्मॉलकैप फंड ने पिछले एक साल में अपने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न नहीं दिया। जी हां एक भी फंड ने नहीं। आखिर स्मॉलकैप स्टॉक्स को क्या हुआ है? इनके वैल्यूएशन को अभी भी एक्सपर्ट्स चिंताजनक क्यों बता रहे हैं और सबसे अहम सवाल, स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों को अब आगे क्या करना चाहिए? आइए इसे समझते हैं
अपडेटेड Jan 23, 2026 पर 23:32हेलियोस कैपिटल के फाउंडर और दिग्गज फंड मैनेजर समीर अरोड़ा का मानना है कि 1 फरवरी को ऐसा कोई बड़ा ऐलान नहीं होगा, जिससे शेयर बाजार की दिशा बदल जाए। उन्होंने कहा कि थोड़े समय के लिए ही सही, अगर कैपिटल गेंस टैक्स घटाया जाता है तो इससे सेंटिमेंट बेहतर होगा और टैक्स-बाद रिटर्न बढ़ेगा
अपडेटेड Jan 29, 2026 पर 02:30भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आज ट्रेड डील समझौता हो गया। पीएम मोदी ने यूरोपियन यूनियन के साथ हुए इस डील को बड़ा गेमचेंजर बताया है। माना जा रहा है कि इस डील से करीब 93% प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी जीरो हो जाएगी। इस डील के लागू होने के बाद भारत से यूरोप को एक्सपोर्ट होने वाले केवल कृषि, ऑटो और स्टील उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी लगेगी। बाकी भारत के करीब 90% सामानों पर पहले ही दिन से यूरोप में 'जीरो' इंपोर्ट ड्यूटी लागू हो जाएगी। इसके अलावा 7 साल में और 3% प्रोडक्ट पर धीरे-धीरे ड्यूटी 'जीरो' की जाएगी। फिलहाल भारत के कुल एक्सपोर्ट में यूरोपीय यूनियन की हिस्सेदारी करीब 17% है। लेकिन ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल की मानें तो, इस समझौता के बाद भारत से यूरोपीय यूनियन को एक्सपोर्ट को अब बढ़कर लगभग 50 अरब डॉलर तक बढ़ा सकता है। आइए यह समझने की कोशिश करते हैं भारत-यूरोपीय यूनियन समझौते से किन सेक्टर्स को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही यह जानेंगे कि इस सेक्टर की कौन सी कंपनियां और शेयर इस लाभ का फायदा उठाने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में हैं।
अपडेटेड Jan 27, 2026 पर 21:17टैक्स एक्सपर्ट्स ने सरकार को कुछ खास डिडक्शंस नई रीजीम में भी देने की सलाह दी है। उनका कहना है कि खासकर होम लोन के इंटरेस्ट और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमिमय पर डिडक्शंस का लाभ नई टैक्स रीजीम में भी मिलना चाहिए। इससे नई रीजीम के इस्तेमाल में टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी बढ़ेगी
अपडेटेड Jan 26, 2026 पर 21:58शेयर बाजार में आई हालिया गिरावट की सबसे ज्यादा मार स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी है। निवेशक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे इन स्मॉलकैप शेयरों में अपने निवेश या SIP को बनाए रखे या फिर इन्हें बेच दें। अगर स्मॉलकैप वाले म्यूचुअल फंड स्कीमों को देखें तो यह उलझन और भी बढ़ जाती है। एक तरफ आंकड़े कहते हैं कि करीब 90 प्रतिशत स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को बीट किया है। लेकिन दूसरी तरफ सच्चाई ये भी है कि एक भी स्मॉलकैप फंड ने पिछले एक साल में अपने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न नहीं दिया। जी हां एक भी फंड ने नहीं। आखिर स्मॉलकैप स्टॉक्स को क्या हुआ है? इनके वैल्यूएशन को अभी भी एक्सपर्ट्स चिंताजनक क्यों बता रहे हैं और सबसे अहम सवाल, स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों को अब आगे क्या करना चाहिए? आइए इसे समझते हैं
अपडेटेड Jan 23, 2026 पर 23:32हेलियोस कैपिटल के फाउंडर और दिग्गज फंड मैनेजर समीर अरोड़ा का मानना है कि 1 फरवरी को ऐसा कोई बड़ा ऐलान नहीं होगा, जिससे शेयर बाजार की दिशा बदल जाए। उन्होंने कहा कि थोड़े समय के लिए ही सही, अगर कैपिटल गेंस टैक्स घटाया जाता है तो इससे सेंटिमेंट बेहतर होगा और टैक्स-बाद रिटर्न बढ़ेगा
अपडेटेड Jan 29, 2026 पर 02:30भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आज ट्रेड डील समझौता हो गया। पीएम मोदी ने यूरोपियन यूनियन के साथ हुए इस डील को बड़ा गेमचेंजर बताया है। माना जा रहा है कि इस डील से करीब 93% प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी जीरो हो जाएगी। इस डील के लागू होने के बाद भारत से यूरोप को एक्सपोर्ट होने वाले केवल कृषि, ऑटो और स्टील उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी लगेगी। बाकी भारत के करीब 90% सामानों पर पहले ही दिन से यूरोप में 'जीरो' इंपोर्ट ड्यूटी लागू हो जाएगी। इसके अलावा 7 साल में और 3% प्रोडक्ट पर धीरे-धीरे ड्यूटी 'जीरो' की जाएगी। फिलहाल भारत के कुल एक्सपोर्ट में यूरोपीय यूनियन की हिस्सेदारी करीब 17% है। लेकिन ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल की मानें तो, इस समझौता के बाद भारत से यूरोपीय यूनियन को एक्सपोर्ट को अब बढ़कर लगभग 50 अरब डॉलर तक बढ़ा सकता है। आइए यह समझने की कोशिश करते हैं भारत-यूरोपीय यूनियन समझौते से किन सेक्टर्स को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही यह जानेंगे कि इस सेक्टर की कौन सी कंपनियां और शेयर इस लाभ का फायदा उठाने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में हैं।
अपडेटेड Jan 27, 2026 पर 21:17टैक्स एक्सपर्ट्स ने सरकार को कुछ खास डिडक्शंस नई रीजीम में भी देने की सलाह दी है। उनका कहना है कि खासकर होम लोन के इंटरेस्ट और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमिमय पर डिडक्शंस का लाभ नई टैक्स रीजीम में भी मिलना चाहिए। इससे नई रीजीम के इस्तेमाल में टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी बढ़ेगी
अपडेटेड Jan 26, 2026 पर 21:58शेयर बाजार में आई हालिया गिरावट की सबसे ज्यादा मार स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी है। निवेशक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे इन स्मॉलकैप शेयरों में अपने निवेश या SIP को बनाए रखे या फिर इन्हें बेच दें। अगर स्मॉलकैप वाले म्यूचुअल फंड स्कीमों को देखें तो यह उलझन और भी बढ़ जाती है। एक तरफ आंकड़े कहते हैं कि करीब 90 प्रतिशत स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को बीट किया है। लेकिन दूसरी तरफ सच्चाई ये भी है कि एक भी स्मॉलकैप फंड ने पिछले एक साल में अपने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न नहीं दिया। जी हां एक भी फंड ने नहीं। आखिर स्मॉलकैप स्टॉक्स को क्या हुआ है? इनके वैल्यूएशन को अभी भी एक्सपर्ट्स चिंताजनक क्यों बता रहे हैं और सबसे अहम सवाल, स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों को अब आगे क्या करना चाहिए? आइए इसे समझते हैं
अपडेटेड Jan 23, 2026 पर 23:32