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मिडिल ईस्ट क्राइसिस से दुनिया भर में मचेगी तबाही! IMF की चेतावनी- 'अर्थव्यवस्थाओं पर मंडरा रहा गंभीर खतरा'

US-Israel-Iran Conflict: IMF ने सचेत किया है कि यह संकट केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रसोई तक भी पहुंचेगा। खाड़ी देशों से होने वाली फर्टिलाइजर की सप्लाई बाधित होने और ईंधन महंगा होने से खेती की लागत बढ़ेगी। इसका सबसे बुरा असर कम आय वाले देशों पर पड़ेगा, जहां एक परिवार अपनी कमाई का औसतन 36% हिस्सा केवल खाने पर खर्च करता है

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 31, 2026 पर 10:47 AM
मिडिल ईस्ट क्राइसिस से दुनिया भर में मचेगी तबाही! IMF की चेतावनी- 'अर्थव्यवस्थाओं पर मंडरा रहा गंभीर खतरा'
ईरान युद्ध उन देशों की उम्मीदों पर पानी फेर रहा है जो हाल ही में पिछले संकटों से उबरना शुरू हुए थे

IMF Warning: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच अभी भी युद्ध जारी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने इसे लेकर एक विश्लेषण किया है और चेतावनी दी है कि यह युद्ध दुनिया के लिए एक 'बड़ा झटका' साबित हो सकता है। IMF के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, ईरान युद्ध उन देशों की उम्मीदों पर पानी फेर रहा है जो हाल ही में पिछले संकटों से उबरना शुरू हुए थे।

क्यों और कैसे बढ़ेगी वैश्विक महंगाई?

IMF का कहना है कि इस संकट का असर पूरी दुनिया पर एक जैसा नहीं होगा, लेकिन इसके नतीजे 'कम विकास दर और ज्यादा महंगाई' के रूप में सामने आएंगे। अमीर देशों की तुलना में गरीब और विकासशील देश खासकर एशिया और अफ्रीका के तेल आयातक देश इस झटके की चपेट में सबसे पहले आएंगे। 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में तनाव के कारण दुनिया की 25-30% तेल सप्लाई और 20% गैस सप्लाई खतरे में है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के तेल क्षेत्रों को निशाना बनाने की धमकी ने बाजार में और डर पैदा कर दिया है।

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