Budget 2024 Expectations Highlights: इस बार के अंतरिम बजट में सरकार रेलवे पर अपना फोकस बढ़ा सकती है। कहा जा रहा है कि रेलवे की ओर से इलेक्ट्रिफिकेशन और दोहरीकरण पर खास तौर से जोर हो सकता है। वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी सरकार का फोकस बढ़ सकता है। इसमें कई बड़े ऐलान किए जा सकते हैं। बजट से जड़ी तमाम जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहिए
Interim Budget 2024 Expectations Highlights: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को अंतरिम बजट पेश करेंगी। इसकी तैयारियां अंतिम चरणों पर चल रही हैं। हर सेक्टर के इस बार के बजट से बड़ी उम्मीदें है। वहीं कहा जा रहा है कि सरकार इस बार के बजट में रेलवे पर मेहरबान हो सकती है। इसके लिए रेल बजट में आवंटन बढ़ाया जा सकता है। वहीं कृषि सेक्टर पर खासतौर से फोकस
Interim Budget 2024 Expectations Highlights: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को अंतरिम बजट पेश करेंगी। इसकी तैयारियां अंतिम चरणों पर चल रही हैं। हर सेक्टर के इस बार के बजट से बड़ी उम्मीदें है। वहीं कहा जा रहा है कि सरकार इस बार के बजट में रेलवे पर मेहरबान हो सकती है। इसके लिए रेल बजट में आवंटन बढ़ाया जा सकता है। वहीं कृषि सेक्टर पर खासतौर से फोकस बढ़ा सकती है। इसके लिए कई बड़े ऐलान किए जा सकते हैं। सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि ऋण लक्ष्य (agricultural credit target) को बढ़ाकर 22-25 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा कर सकती है। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार का कृषि-ऋण लक्ष्य 20 लाख करोड़ रुपये है।
वहीं बजट के बारे में अगर चर्चा करें तो पिछले तीन साल से पेपरलेस बजट पेश किया गया। इस बार भी इसे पेपरलेस तरीके से ही किया जाएगा। 24 जनवरी 2024 को हलवा सेरेमनी खत्म हो चुकी है। यह हलवा समारोह होने का मतलब है कि बजट को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अब इसके छपने का काम शुरू हो चुका है।
इस समारोह में बड़ी संख्या में बजट तैयार करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। अब बजट पेश होने से पहले 31 जनवरी को आर्थिक सर्वे पेश किए जाएंगे। इसमें देश की आर्थिक सेहत का पूरा लेखा-जोखा रहता है। यह बेहद महत्वपूर्ण होता है और अगले दिन पेश होने वाले बजट की एक पूरी तस्वीर पेश करने वाला होता है।
आर्थिक सर्वे बजट का मुख्या आधार होता है। इसमें ग्रोथ के ट्रेंड से लेकर किस सेक्टर में कितनी पूंजी आई और देश में तमाम योजनाएं किस तरह से लागू की गईं और ये कितनी बड़ी थीं, इसके बारे में जानकारी शामिल होती है।
आर्थिक सर्वे दो हिस्सों में पेश किया जाता है। इसके पहले हिस्से में इंडियन इकोनॉमी की हालत के बारे में बताया जाता है। सर्वे के दूसरे हिस्से में प्रमुख आर्थिक आंकड़ों को पेश किया जाता है। बजट दस्तावेज की तरह है, मुख्य आर्थिक सलाहकारों की निगारनी में इसे तैयार किया जाता है।