म्यूचुअल फंड न्यूज़

SEBI निजी इक्विटी फंडों को AMCs बनाने की अनुमति देने के प्रस्ताव पर कर रहा विचार-मीडिया रिपोर्ट

वर्तमान नियमों के तहत कोई भी ऐसी कंपनी जो किसी म्यूचुअल फंड में 40 फीसदी या इससे ज्यादा की हिस्सेदारी रखती है उसको स्पॉन्सर माना जाएगा

अपडेटेड Sep 08, 2022 पर 01:42 PM

मल्टीमीडिया

नुकसान से परेशान! बेच दें स्मॉलकैप शेयर?

शेयर बाजार में आई हालिया गिरावट की सबसे ज्यादा मार स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी है। निवेशक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे इन स्मॉलकैप शेयरों में अपने निवेश या SIP को बनाए रखे या फिर इन्हें बेच दें। अगर स्मॉलकैप वाले म्यूचुअल फंड स्कीमों को देखें तो यह उलझन और भी बढ़ जाती है। एक तरफ आंकड़े कहते हैं कि करीब 90 प्रतिशत स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को बीट किया है। लेकिन दूसरी तरफ सच्चाई ये भी है कि एक भी स्मॉलकैप फंड ने पिछले एक साल में अपने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न नहीं दिया। जी हां एक भी फंड ने नहीं। आखिर स्मॉलकैप स्टॉक्स को क्या हुआ है? इनके वैल्यूएशन को अभी भी एक्सपर्ट्स चिंताजनक क्यों बता रहे हैं और सबसे अहम सवाल, स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों को अब आगे क्या करना चाहिए? आइए इसे समझते हैं

अपडेटेड Jan 23, 2026 पर 23:32