एग्जिट पोल रिजल्ट 2026

Seats (294)Majority (148)
AllianceProjection
TMC+51-61
BJP88-98
INC2-4
OTH0
Seats (234)Majority (118)
AllianceProjection
DMK+103-113
ADMK+114-124
TVK4-10
OTH0
Alliance View
Seats (140)Majority (71)
AllianceProjection
LDF58-68
UDF70-80
NDA0-4
OTH0

चुनाव की खबरें

Nitin Nabin Exclusive Interview: BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बड़ा दावा- 'पश्चिम बंगाल में प्रचंड बहुमत से बनाएंगे सरकार'

बिहार चुनाव की खबरें

Hathua Bihar Election 2025: हथुआ विधानसभा सीट पर कौन मारेगा बाजी? जानें- पूर्व विजेता, वोटर की संख्या समेत पूरा समीकरण

बिहार चुनाव पर खरी-खरी

GST राहत + शरणार्थियों को छूट- क्या PM मोदी का मास्टरस्ट्रोक BJP को जिता देगा बिहार?

Bihar Election 2025: GST में बदलाव के साथ अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए उन अल्पसंख्यकों को राहत दी गई है, जो 31 दिसंबर 2024 से पहले बिना वैध कागजात भारत आए थे। अब उन्हें Immigration और Foreigners Act, 2025 के तहत मुकदमे से छूट मिलेगी। इस फैसले से बीजेपी का "हिंदू सुरक्षा" वाला सीमाई नैरेटिव और मजबूत हुआ है

7 months

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बिहार चुनाव: BJP और NDA की राह पर चले नीतीश, पेंशन बढ़ाने से लेकर बिजनेस लोन देने तक, महिला वोटरों को लुभाने में लगे

Bihar Election 2025: 24 जून को कैबिनेट ने फैसला किया कि बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की मासिक पेंशन 400 रुपए से बढ़ाकर 1,100 रुपए कर दी जाएगी। 11 जुलाई को इस बढ़ी हुई पेंशन की पहली किस्त, जो कुल 1,227 करोड़ रुपए से ज्यादा थी, सीधे 1.11 करोड़ लोगों के खातों में भेजी गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इन पेंशन पाने वालों में लगभग 54.5% महिलाएं हैं

7 months

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Bihar Chunav: जब एक निर्दलीय ने मुख्यमंत्री को हराया और खुद ही संभाली सत्ता

Bihar Vidhansabha Chunav 2025: पटना पश्चिम (आज की बांकीपुर सीट) से तत्कालीन मुख्यमंत्री कृष्ण बल्लभ सहाय चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार महामाया प्रसाद सिन्हा ने बड़े अंतर से हरा दिया। इस जीत के बाद महामाया बाबू अचानक ही सुर्खियों में आ गए और विपक्षी दलों के समर्थन से बिहार के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने

7 months

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महाराष्ट्र और झारखंड के राजनीतिक समीकरण


महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत NDA और I.N.D.I.A दोनों गठबंधनों के स्टार प्रचारकों ने अपने-अपने पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया। 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए मतदान 20 नवंबर को एक ही चरण में होगा। वहीं, झारखंड में 43 निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को समाप्त हो गया था, जबकि शेष 38 निर्वाचन क्षेत्रों में दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा। दोनों राज्यों में मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी।


झारखंड में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच है। BJP का ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) और जनता दल यूनाईटेड (JDU) के साथ गठबंधन है। इस बार तीनों दल साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, JMM नेतृत्व वाले गठबंधन में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और वामपंथी दल शामिल हैं। हेमंत सोरेन इस गठबंधन की अगुवाई कर रहे हैं। वह राज्य के मुख्यमंत्री भी हैं।


झारखंड में साल 2019 के विधानसभा चुनाव में JMM, कांग्रेस और RJD के गठबंधन ने राज्य की 81 में से 47 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। इसके बाद हेमंत सोरेन दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। इस चुनाव में BJP 25 सीट पर सिमट गई थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास भी चुनाव हार गए थे।


महाराष्ट्र की बात करें तो फिलहाल राज्य में 'महायुति' गठबंधन की सरकार है, जिसके मुखिया शिवसेना के एकनाथ शिंदे हैं। इस सत्ताधारी गठबंधन में शिवसेना के अलावा भारतीय जनता पार्टी और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल है।


दूसरी तरफ, विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी (MVA) है। इसमें उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT), कांग्रेस तथा वरिष्ठ नेता शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल है। साल 2019 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति बिल्कुल बदल गई है। साल 2019 का विधानसभा चुनाव बीजेपी और अविभाजित शिवसेना ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बैनर तले साथ मिलकर लड़ा था।
महाराष्ट्र की की 288 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 165 सीट पर उम्मीदवार उतारे थे और वह 105 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। शिवसेना ने 126 सीट पर चुनाव लड़ा था और उसे 56 सीटों पर जीत मिली थी। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने 147 सीट पर उम्मीदवार उतारे थे और उसे 44 सीट पर जीत मिली थी। जबकि NCP को 121 में से 54 सीट पर जीत हासिल हुई थी। इस बार शिवसेना और एनसीपी के दो फाड़ हो चुके हैं।